किशनगंज 11 जून । बिहार के सीमावर्ती जिला किशनगंज में अच्छी स्वास्थ्य सेवा के दावा की जाती है। लेकिन महिला ओपीडी जिला स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल रही है।
जिले के सदर अस्पताल की महिला ओपीडी में गर्मी और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।बुधवार को मरीजों के मुताबिक यहां की ऑनड्यूटी महिला डॉक्टर ने गर्मी का हवाला देकर इलाज करने से इनकार कर दिया। इससे सैकड़ों महिलाएं बिना इलाज के लौटने को मजबूर हो गयी। अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची बोबी देवी ने बताया कि डॉक्टरों ने साफ शब्दों में कहा कि इस गर्मी में बिना एसी-कूलर के वे इलाज नहीं करेंगी। सुबह 9 बजे से लाइन में खड़ी कई महिलाओं को घंटों इंतजार के बाद खाली हाथ लौटना पड़ा।वही गर्भवती महिला आसमा बेगम ने बताया कि गर्मी और भीड़ के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। लेकिन डॉक्टरों ने देखने से भी इनकार कर दिया। उसने बताया कि बुखार, चक्कर और कमजोरी जैसी समस्याओं से जूझ रही हूं फिर भी इलाज नहीं हो पाया।
मामले में ओपीडी में तैनात एक महिला चिकित्सक ने बताया कि गर्मी में बिना पंखे, एसी और कूलर के काम करना नामुमकिन हो गया है। मरीजों की भीड़ और खराब वेंटिलेशन से स्थिति और बिगड़ जाती है।
सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. राकेश कुमार चौधरी ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। जल्द ही इस पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए सभी जरूरी उपाय किए जाएंगे।
सुबोध कुमार साहा
किशनगंज









