नव सृजित सैनिक स्कूल द्वारा जिले के पत्रकारों को मिला सम्मान
किशनगंज 03 जुलाई ।शहर के मोतीबाग स्तिथ सरस्वती विद्या मंदिर सैनिक स्कूल के प्राचार्य वेश्म में गुरुवार को किशनगंज जिले के प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के वरिष्ठ पत्रकारों को मिला सम्मान।इस अवसर पर सैनिक स्कूल के प्राचार्य नागेन्द्र तिवारी ने सभी प्रमुख अखबारों के पत्रकारों को अंग वस्त्र तथा पुस्तक उपहार स्वरूप भेंट कर सम्मानित किया।मौके पर प्रधानाचार्य ने कहा कि यहां के समस्त प्रमुख समाचार सेवा के पत्रकारों द्वारा विद्यालय की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया जाता रहा है। इसीलिए जिले के प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के सभी वरिष्ठ पत्रकारों का आभार व्यक्त करता हूं।
सम्मान समारोह से पूर्व सैनिक स्कूल के प्राचार्य नागेन्द्र तिवारी ने एक पत्रकार वार्ता में बताया कि किशनगंज जिले लिए गौरव का क्षण है। क्योंकि विद्या भारती द्वारा
संचालित किशनगंज के सरस्वती विद्या मंदिर को भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय द्वारा सैनिक स्कूल का दर्जा प्रदान किया है। किशनगंज जिले में यह बिहार का चौथा स्कूल है, जिसे यह मान्यता प्राप्त हुई है।
उन्होंने कहा कि इससे पहले पटना, भागलपुर और रोसड़ा के विद्यालयों को सैनिक स्कूल का दर्जा मिल चुका है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे होने के कारण इस किशनगंज को संवेदनशील जिला माना जाता है। सरकार की पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय बच्चों को देश सेवा की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें बेहतर अवसर प्रदान करना है।
प्राचार्य नागेन्द्र तिवारी ने बताया कि जुलाई 2025 से सैनिक स्कूल की पढ़ाई शुरू हो जाएगी. इसके लिए 100 सीटें निर्धारित की गई है जिनमें 60 प्रतिशत सीटें स्थानीय बच्चों के लिए आरक्षित होंगी. जबकि शेष 40 प्रतिशत सीटों पर देशभर से चयनित छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेश प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और मेडिकल टेस्ट शामिल होंगे। साथ ही विद्यालय में पहले से पढ़ रहे छात्रों के लिए इंटरनल परीक्षा के आधार पर नामांकन की सुविधा भी उपलब्ध होगी। सैनिक स्कूल के रूप में विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासित वातावरण में प्रदान करने के लिए विशेष तैयारी की जा रही है। प्राचार्य श्री तिवारी ने बताया कि आदर्श छात्रावास की व्यवस्था की जा रही है। बच्चों के रहने, पढ़ने और खेलकूद के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। हॉस्टल को अंतिम रूप देने का कार्य तेजी से चल रहा है जिससे छात्रों को बेहतर माहौल मिल सके। रक्षा मंत्रालय की यह पहल किशनगंज जैसे सीमावर्ती जिले के लिए मील का पत्थर साबित होगी। यह न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को नई दिशा देगी, बल्कि उन्हें देश सेवा के लिए प्रेरित भी करेगी।
सुबोध कुमार साहा
किशनगंज









